Essay on Increasing Population in Hindi - बढ़ती हुई जनसंख्या पर निबंध

increasing population

भारत एक विकासशील देश है। यहां विभिन्न क्षेत्रों में साधनों की कमी के कारण योजनाएं प्रभावित होती रहती हैं। तेज गति से बढ़ती जनसंख्या को भोजन तथा रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए सभी साधन कम हो जाते हैं। 

देश की समृद्धि के लिए सरकार द्वारा किए श्रेष्ठ कार्यों में गतिरोध उत्पन्न हो जाता है। महानगरों में रहने को मकान कम पड़ जाते हैं, पीने का पानी और प्रकाश के लिए बिजली कम पड़ जाती है। यही नहीं, दिन हो या रात, अनेक प्रकार की समस्या जिन पर कोई नियंत्रण नहीं हो पाता। इन सबका प्रमुख कारण बढ़ती जनसंख्या ही है। 

देश की जनसंख्या ही उसकी शक्ति का आधार होती है। परंतु जब वह नियंत्रण से बाहर निकल जाती है तो वह देश के लिए बोझ बन जाती है। भारत इस समय, आबादी की दृष्टि से दुनिया का दूसरा बड़ा देश है। यदि जनसंख्या की गति इसी तरह बनी रही तो यह चीन से भी आगे निकल जाएगी।

स्वाधीनता के समय भारत में उत्पादन की गलत नीतियों के कारण रोजगार इतना नहीं बढ़ पाया कि सबको किसी सीमा तक समान रूप से खाना कपड़े पहनना और स्वस्थ रहकर देश के विकास में अपना योगदान देने का अवसर मिले। 

इन सभी प्रयासों में देश में जनसंख्या की सीमितता का पता होते हुए भी कोई ठोस नीति नहीं अपनाई है। कहीं ऐसा ना हो कि आर्थिक विकास की दौड़ में जनसंख्या इतनी बढ़ जाए कि विकास को ही निकल जाए, जैसा कि प्रतीत भी हो रहा है।

देश के नेताओं और विचारकों का मत उचित है कि किसी परिवार में सदस्यों की संख्या सीमित ना होने पर, संतान अधिक होने पर परिवार आर्थिक संकटों से गुजरता है तो क्या देश नहीं गुजरेगा?

जनसंख्या में गुणन प्रणाली में वृद्धि होती है। जनसंख्या, कारोबार की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ती है। जिसकी वजह से रोजगार की मांग बढ़ती है और पूर्ति ना होने पर महंगाई एवं बेकारी जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। इससे देश की अर्थव्यवस्था बिगड़ जाती है। लोग इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए कई अनुचित तरीके खोजते और अपनाते हैं जिससे विकास रुक जाता है। 

सीमित परिवार का महत्व आर्थिक और मानवीय दोनों दृष्टि से है। आर्थिक इस दृष्टि से की सीमा से अधिक जनसंख्या बोझ बन जाती है और मानवीय दृष्टि से इसलिए कि सीमित शक्ति से अधिक लोगों का पालन-पोषण देखकर मनुष्य बनाना संभव नहीं। आज भी हमारे देश में कई वर्ग ऐसे हैं जो जनसंख्या वृद्धि में गौरव अनुभव करते हैं। केवल देश का शिक्षित समुदाय ही नियोजित परिवार में विश्वास रखता है। 

इसमें तनिक भी संदेह नहीं की जनसंख्या की अनियंत्रित वृद्धि देश के विकास में एक बड़ी बाधा सिद्ध हो सकती है। परंतु उसका समाधान केवल परिवार नियोजन ही है। और हमें यह भी ध्यान रखना होगा कि बढ़ती हुई जनसंख्या को रोजगार मिले जिसके लिए रोजगार के अधिक से अधिक अवसर जुटाए जाएं।

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